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Saturday, January 28, 2012

ट्रेन की आधी चुदाई घर में पूरी हुई |

Saturday, January 28, 2012


हाइ दोस्तों ,
एक दिन मे अपने गाव ज रह थ, तो मुझे इंटरसिटी ट्रेन पकडनी थी| में वही स्टेशन पर खड़ा था, वही पे एक और लड़की आई, उसको भी उसी ट्रेन में जाना था, गाडी आई और हम एक साथ चाड गए और एक ही सिट पे बैठ गए| कुछ देर के बाद हम दोनों ने बात करनी शुरू कर दिए और कुछ ही देर में, काफी घुल मिल गए थे| वो भी मेरी तरह एक स्टूडेंट थी | उसकी एक बात थी, वो बार बार बातो बताओ में मुझे अपने हाथ से मरती थी, जिसके कारण मेरा लंड बार बार खड़ा हो जाता था| और इसी वजह से मेरा लंड अब बहुत गरम हो चूका था| थोड़े देर के बाद ट्रेन में काफी भीड़ हो गयी और हम एक दूसरे से चिपक के बैठ गए थे| मेने फिर अपने लंड कई बात सुनी और अपनी उंगलियो से उसके चुचियो को एक तरफ से सहलाने लगा, थोड़े देर में वो भी लाइन पे आ गयी और मेरे उंगलियो को पकड़ लिया और भीड़ कई तरह इशारा करते हुए मना किया |

पर आप सबको पता हे कई जब लंड गरम हो जाये तो वो किसी कई नहीं सुनता, और वो भी बगल में इतनी कमाल कई कोई माल बैठी हो और उसकी खुशबु से मेरा दिमाग और संका हुआ था| थोड़े देर के बाद हम दोनों का स्टेशन आ गया और हम दोनों उतर गए, जाते वक्त हम दोनों ने अपना मोबाइल नॉ लिया और फिर चले गए| रात को फिर मेने उसको फोन किया और उसे सारी रात तदपा दिया चुदाई कई बातें क्र क्र के | अब तो बस असली में उससे पेलना बाकी था, बाकी सब तो फोन पे ही हो चूका था|
आखिर में वो दिन भी आ गया, एक दिन हमने मिलने का प्लान बनाया और वो मुझे अपनी गाडी एम् पिक उप करने आई | रात्से में हमने गाड़ी रोक के मिल्क शेक पिया और वही पे ऐसी घटना हो गयी क्या बताओ यारो, मजा आ गया| शबनम ने, मुझे ऐसा कमाल का किस किया की मज़ा आ गया| फिर हम उसके घर पहुच गए वो घर पे उसदिन अकली थी| उसके घर में घुसते ही मेने उसे कास के पकड़ के स्मूच किया, और कमसे कम १० मिनट का तो किया ही होगा| उसने उस दिन कलि रंग की जींस पहनी हुई थी और उपर नीली रंग की टॉप पहनी हुई थी | उन कपड़ो में वो गजब की लग रही थी |
मेने फिर उसको उसके कमरे में ले गया और फिर मेने उसकी टॉप उतार दी और उसकी काली रंग की ब्रा भी खोल दी, काली रंग के अंदर सफ़ेद रंग का दूध मिला और क्या लग रही थी वो, देख के मेरी तबियत खुश हो गयी| उसे मेने उसके बिस्तर पे धक्का दिया और लेता दिया उसको, और फिरुसके उन गोरे गोरे चुचियो को मेने जी भर के चूसा | फिर मेने उसकी जींस उतार डिओर उसने अंदर जो काली रंग की पेंटी पहनी हुई थी, मेने उसुसकी पेंटी को अपने मुह से खीच के उतार दिया और फिर उसने हल्का सा पानी छोड दिया, जिसकी खुशबु सूंघ के में और पागल सा हो गया| फिर मेने उसकी चुत को कोई २० मिनट तक चाटा | इतने में कोई २ बार झड चुकी थी |
अब वो भी पुरे जोश में आ चुकी थी, उसने फिर उठ के मेरे कपडे उतार दिए और फिर मेरे लंड को अपने हाथो एम् पकड़ के चूसना शुरू कर दिया| उसके चूसने का ढंग भी कुछ अलग सा था, मेने फिर कुछ देर के बाद उसके मुह में ही अपना पानी छोड दिया|
मुझे ऐसा लगा की उसने अपने कॉलेज में भी सबका ऐसे ही चूसा होगा| अब तो मेरे दिमाग में बस उसकी चुत को फाड़ने की बात चल रही थी | मगर उसके दिमाग में कुछ और ही चल रहा था, वो मुझे और तदपा रही थी | कुछ देर के बाद मेरा लंड फिरसे हरकत में आ गया, मेने भी चुदाई में डिगरी की हे, साली मुझे तदपने चली थी| मेने उसको धक्का दिया और बिस्तर पे लेता इद्य और उसकी एक टांग को अपने कंधे पे रख दिया और उसके कमर के निचे से हाथ दाल के उसके कंधो को पकड़ लिया, ताकि जब उसकी चुत में लंड डालू टी लंड यहाँ वह न हिले|
फिर उसने कहा, मेने चुदाई तो बहुत की हे, पर एस तरह तुम जेसे कर रहे हो आज तक किसी ने नहीं किया हे| मुझे लंड मिलने से पहले ही इतना मज़ा आ गया हे तो पता नहीं तुम लंड डालके मेरा क्या करोगे, जो भी कारों आराम से करना, ताकि एम् मर न जाऊं, और तुम्हे दूसरी बार भी मज़ा मिले| मेने फिर अपने लंड पे थोडा सा थूक लगाया, और उसकी चुत के मुह पे रख दिया| जेसे ही रखा मुझे अजीबसा करेंट जेसा लगा, मगर मेने हल्का सा धक्का दिया तो मेरे लंड का टोपा अंदर चला गया| और शबनम ने अपनी आँखे बंद क्र ली|
मेरा लंड अंदर जाते ही उसने अपने नाखून मेरे पीठ पे गाड दिए | मेने फिर उसके होठो पे अपने होठ रख दिए और उसके कंधो को मजबूती से पकड़ कर ५ छोटे छोटे धक्को से अपना लंड पूरा का पूरा उसकी चुत एम् दाल दिया | लंड की लम्बाई और मोटेपन के कारण उसकी आँखों से आंसू निकल आये| पर साली ने उफ़ तक नहीं की | वो फिर थोड़े देर में मेरे लंड का पूरी तरह से मज़े उठा रही थी |मेने फिर अपेन लंड को निकाल के एक जोर से झटका मारा ताकि लंड पूरी तरह से समां जाये, एस बार वो सह नहीं पाई, और उसके मुह से एक चीख निकल पड़ी | में फिर वही रुक गया |
जब मेने देखा की उसके चेरे पे शांति हे, तो फिर मेने अपने लंड को शुरू कर दिया, और कुछ ३०-३५ झटको के बाद ही उसने अपनी गांड उठानी शुरू करदी, और मुह से जोर जोर से सिसकारी भरने लगी, इतना उसका काम देख के मेने एक जोर का झटका मारा और अपने लंड को उसके चुत के जड तक समां दिया | पर उसको शायद जादा एहसास नहीं हुआ | मुझे उसकी चुत मारने में बहुत मज़ा आ रहा था, मुझे इतना मजा आज तक किसी की कुंवारी चुत मरने में भी नहीं आया होगा | उसने करीब १० मिनट बाद अपना पानी छोड दिया| पर मेरा अब भी नहीं निकला था | और उपर से साली ने कुछ देर पहले ही मेरे लंड को चूस के पूरा पानी निकल दिया था| मेने अपनी गाडी चालू राखी और उसी हालत में ३० मिनट तक और पेला उसको|
हर ५ मिनट बाद मेरा लंड और फूल जाता था, और मुझे और जोश चड जाता था, पता नहीं साली की चुत में ऐसा क्या था| औ अब तक ३ बार झड चुकी थी, पर मेरे लंड से अब तक पानी नहीं निकला था| अंत में उसने खुद हे कह दिया, समीर आज तक मेने कभी अपनी टाँगे हवा में इतने देर नहीं राखी, थोड़ी देर रुक जाओ, बहुत दरद हो रहा हे टांगो में, रुक जाओ उसके बाद फिर चोद लेना |
मेने उसको कहा , साल अपना पानी ३ बार निकल चुकी हे मज़े भी ले ली, मेरा पानी कोन निकलेगा ?
उसने कहा – वो में चूस के निकाल दूंगी |
मैं – ठीक हे पर एक शर्त हे, पूरा लंड मुह में लेना होगा ?
वो बोली ठीक हे |
मेने फिर उसकी चुत से लंड निकाल के उसके मुह में घुसोद दिया, और उसने मेरा लंड अपने मुह में आधा अंदर ले लिया, मेने फिर उके सर को पकड़ के अपने लंड को अंदर और ठोकने लगा| उसके आँखे भर आई, मेरे लंड लेके के | साली के चुत और मुह में क्या जादू था, मेने लंड ने फिर १० मिनट में उसके मुह में पानी छोड दिया |
एस तरह मैं उससे रोज मिलता था और कभी कभी गजब की चुदाई भी करता था|
आपको मेरी कहानी केसी लगी जरुर बताएगा |


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